साँसे ठहर सी गयी
मुद्दत के बाद किसी ने जो आवाज़ दी .. आहट उनके कदमों की थी
कदमो की क्या औकात थी.. जो बढ़ जाएँ साँसे ठहर सी गयी
निगाहे तलाश कर रही थी सकूंन और वो एक पल में आये और साँसे ठहर सी गयी गयी
मुद्दत के बाद किसी ने जो आवाज़ दी .. आहट उनके कदमों की थी
कदमो की क्या औकात थी.. जो बढ़ जाएँ साँसे ठहर सी गयी
निगाहे तलाश कर रही थी सकूंन और वो एक पल में आये और साँसे ठहर सी गयी गयी
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