9/15/2017

Simran film review

12.8.2017

कंगना रनौत की फिल्म सिमरन को हंसल मेहता ने डायरेक्ट किया है। पूरी पटकथा कंगना के लीड रोल में (प्रफुल्ल)पर आधारित ।

फिल्म से प्यार न करो खुद से कर लो काफी है 

क्वीन वाला जादू तो फिर से देखने को मिल सकता है की नही ? कहूंगी जादू ढूंढने मत बैठ जाना बस जो है उसका आनन्द लेते आना ।

अपूर्व असरानी और कंगना रनौत ने कहानी को काफी साधारण सा रखा

कहानी की बात करूँ तो फिल्म में कंगना प्रफुल नाम की NRI गुजराती लड़की का किरदार निभा रही है ।
भारतीयों की मिथ्या को दूर करते हुए पूरी पटकथा में एक लड़की ड्राइविंग करते हुए ,पूरी कहानी का भार अपने कन्धों पे लिए आगे बढ़ रही है ,तुम्हे ये शायद ही पसन्द आये क्यों कि तुम्हे वो सिर्फ पिता पति पुत्र के प्रेम में लिपटी नजर आती है ।
कंगना की खास बात  "जैसी है वैसी ही है" कोई फेर बदलाव नही ओर यही सब से अलग करता अहि उन्हें  है,लम्बी पारी के लिए ये जरूरी भी है ।
प्रफुल्ल एक ऐसी लड़की जो मेरे ओर तुम्हारे जैसी है
"जिसे समाज के नियमो के झंडे को खुद की छाती पे लेकर गहने बना घूमने को कोई शोख़ नही "
समाज के बंधनों को नहीं मानती है और स्वतंत्र होकर जीती है वो समाज के बंधनों से आजादी चाहती है |
प्रफुल तलाकशुदा होने के बावजूद भी ब्वॉयफ्रेंड के साथ डेट पर जाती हैं। ओर साथ ही बिना सिक्योरिटी के सेक्स करने से मना भी कर देती है
*ओर आज की तारीख में ये पाप है तुम ऐसा कुछ कर दो तो तलाक की नोबत आन पड़े या तुम्हे ओर असहाय महसूस करवा दिया जाए तुम स्त्री हो ।* #रूढ़िवादिता #समाज
खेर इसके बाद के सीन को देख मुझे कहानी के इस पात्र से ओर प्यार हो गया ।
इसके अलावा उसे एक ओर बुरी लत है। ये लत चोरी और जुएं की लत जिसके बिना वो जी नहीं सकती। फिल्म में कंगना के किरदार के कई शेड्स देखने को मिलेंगे। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कंगना एक मंझी हुई कलााकर है ।
" कंगना कहती हैं कि लड़के पटाना कोई बुराई थोड़ी ना है ये तो टैलेंट होता है। "
कुल मिलाकर वो अपनी जिंदगी में आने वाली हर परिस्थिति से लड़ते हुये आगे बढ़ती है,  टेंशन नहीं लेती । अपनी चोरी और जुएं की लत की वजह से पुलिस की नजर में आती है ,फिर शुरू होता है मैं आगे आगे तुम पीछे2 ओर
फ़िर बाबा चु ....
सिनेमा जा आओ अब जरा https://youtu.be/rI8GhmfK6Jc
तुम्हे प्यार हो जायेगा
उस घुँघराले बालो वाली लड़की
मुस्कुराहट ओर जीने के अंदाज भर से ।
(प्रेम न हो तो तर्क देते हुए टिकट के 220 rs मुझ से लेना ) 😎
उसकी जगह खुद को देखते हुए तुम्हे नाचने का मन करेगा और फिर तुम थिरकते हुए बाहर आओगी ।
ओर #moralofstorytelling भूलते हुए फिर से एडजस्टमेंट वाले घर की चारदीवारी में घुस खुद से प्रेम करना भूल जाना #ग्रहणी #महिला #प्रेम =पति बच्चे और परिवार ।
#simran #without #raj is much butter ....

9/14/2017

हिन्दी दिवस

#राजस्थान की कंडे ,कोड़े किने, कठे कहण हारी काकी भी जाणे से आज टाबर स्कूल ते आतें बख्त गिफ्ट  में क्यों तो लावेंगे ।
लुगाइयां  ने आपणे भरतारूं सूं कह दी है खाली हाथ मना आइयो ।
सरकारी दफ्तर हारे भी आज तो समोसे के सागे हो रही प्रश्नोत्तरी में क्यों तो माल घरा ने लावेंगे । #हिन्दीदिवस #हिन्दीपखवाड़ा #सरकारी #मौज सरकारी सा प्रेम ।
प्राइवेट दफ़्तरं हारो हिन्दी दिवस मनाण की बात थाने कह दी जावे थे तो आपका बोनस के किडनी भी  छोड़ दोयोगे तब भी ना होगा थारे ताईं ।